सनातन धर्म में आरती (Aarti) का स्थान बहुत ही महत्वपूर्ण और पवित्र माना गया है। भगवान की आरती उतारना केवल दीप जलाना नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा क्षण होता है जब भक्त अपनी आत्मा को सीधे परमात्मा से जोड़ता है। जब हम राजस्थान के सीकर स्थित Shree Khatu Shyam Mandir की बात करते हैं, तो वहां होने वाली आरती का दृश्य किसी अलौकिक अनुभव से कम नहीं होता। कपूर और इत्र की सुगंध, ढोल-नगाड़ों की थाप, और हजारों भक्तों के मुख से गूंजता "ॐ जय श्री श्याम हरे"... यह वो क्षण होता है जब कई भक्तों की आँखों से खुशी और भाव के आंसू छलक पड़ते हैं। आइए जानते हैं Khatu Shyam Aarti time 2026 और सम्पूर्ण आरती के लिरिक्स (हिंदी में)।
Khatu Shyam Daily Aarti Timings (खाटू श्याम जी की 5 दैनिक आरतियों का समय)
खाटू श्याम जी के मंदिर में प्रतिदिन पूरे विधि-विधान से 5 बार आरती की जाती है। हर आरती का अपना एक विशेष महत्व, समय और नियम होता है। मौसम (सर्दियों और गर्मियों) के अनुसार इन आरतियों के समय में थोड़ा बदलाव किया जाता है। श्री श्याम मंदिर कमेटी (Shri Shyam Mandir Committee) के अनुसार 2026 में दर्शन और आरती का आधिकारिक समय (Official Timings) इस प्रकार है:
| आरती का नाम (Aarti Name) | सर्दियों का समय (Winter) | गर्मियों का समय (Summer) |
|---|---|---|
| 1. मंगला आरती (Mangla Aarti) | प्रातः 5:30 बजे | प्रातः 4:30 बजे |
| 2. श्रृंगार आरती (Shringar Aarti) | प्रातः 8:00 बजे | प्रातः 7:00 बजे |
| 3. भोग आरती (Bhog Aarti) | दोपहर 12:30 बजे | दोपहर 12:30 बजे |
| 4. संध्या आरती (Sandhya Aarti) | शाम 5:30 बजे | शाम 6:30 बजे |
| 5. शयन आरती (Shayan Aarti) | रात्रि 9:00 बजे | रात्रि 10:00 बजे |
आरतियों का महत्व:
• मंगला आरती: यह दिन की सबसे पहली आरती होती है। इस समय बाबा को नींद से जगाया जाता है। जो भक्त मंगला आरती के दर्शन करते हैं, उन्हें अत्यधिक शांति और पुण्य की प्राप्ति होती है।
• श्रृंगार आरती: स्नान के बाद बाबा श्याम का अत्यंत भव्य और सुंदर श्रृंगार (लहंगा, मोरपंख, गुलाब के फूल) किया जाता है। श्रृंगार के बाद यह आरती होती है।
• शयन आरती: यह दिन की अंतिम आरती है। इसके बाद बाबा को सुला दिया जाता है और मंदिर के पट बंद कर दिए जाते हैं।
Khatu Shyam Aarti Lyrics in Hindi (ॐ जय श्री श्याम हरे - सम्पूर्ण आरती)
यदि आप घर पर बाबा श्याम की पूजा कर रहे हैं या मंदिर के प्रांगण में खड़े हैं, तो आप इस आरती का पूरे भाव और भक्ति के साथ गायन कर सकते हैं। यह Khatu Shyam Aarti in hindi का सबसे शुद्ध और प्रामाणिक स्वरूप है:
श्री खाटू श्याम आरती
ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे।
खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे॥
ॐ जय श्री श्याम हरे...
रतन जड़ित सिंहासन, सिर पर चंवर ढुरे।
तन केसरिया बागो, कुण्डल श्रवण पड़े॥
ॐ जय श्री श्याम हरे...
गल पुष्पों की माला, सिर पार मुकुट धरे।
खेवत धूप अग्नि पर, दीपक ज्योति जले॥
ॐ जय श्री श्याम हरे...
मोदक खीर चूरमा, सुवरण थाल भरे।
सेवक भोग लगावत, सेवा नित्य करे॥
ॐ जय श्री श्याम हरे...
झांझ कटोरा और घड़ियावल, शंख मृदंग घुरे।
भक्त आरती गावे, जय-जयकार करे॥
ॐ जय श्री श्याम हरे...
जो ध्यावे फल पावे, सब दुःख से उबरे।
सेवक जन निज मुख से, श्री श्याम-श्याम उचरे॥
ॐ जय श्री श्याम हरे...
श्री श्याम बिहारी जी की आरती, जो कोई नर गावे।
कहत 'आलूसिंह' स्वामी, मनवांछित फल पावे॥
ॐ जय श्री श्याम हरे...
।। बोलिए खाटू नरेश की जय ।।
।। हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा ।।
Rules to Follow During Khatu Shyam Aarti (आरती के दौरान मंदिर के नियम)
खाटू श्याम जी के मंदिर में आरती के समय भारी भीड़ होती है। आरती का दर्शन करते समय भक्तों को मंदिर कमेटी द्वारा बनाए गए कुछ विशेष नियमों का पालन करना अनिवार्य है। Shyam baba aarti के दौरान इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
- मोबाईल फोन का उपयोग सख्त मना है (Strict No-Mobile Policy): आरती के दौरान आप अपना मोबाइल फोन बाहर निकालकर फोटो या वीडियो नहीं बना सकते। यदि आप ऐसा करते पाए जाते हैं, तो सेवादार (Security) आपका फोन जब्त कर सकते हैं। मंदिर कमेटी का मानना है कि आरती आँखों से देखने का विषय है, कैमरे से नहीं।
- सिर ढंककर रखें: सनातन धर्म में आरती के समय सिर ढंकना सम्मान का प्रतीक है। पुरुष रुमाल या टोपी से और महिलाएं पल्लू से अपना सिर अवश्य ढंकें।
- शांत रहें और धक्का-मुक्की न करें: आरती के समय अपनी जगह पर खड़े होकर ही दर्शन करें। आगे बढ़ने के लिए किसी को धक्का न दें। जयकारे लगाते समय भी अनुशासन बनाए रखें।
- आरती के बाद ही प्रस्थान करें: जब तक शंख और घड़ियाल की आवाज़ शांत न हो जाए और आरती पूरी न हो जाए, तब तक दर्शन लाइन से बाहर नहीं निकलना चाहिए।
How to perform Shyam Baba's Aarti at Home? (घर पर आरती कैसे करें?)
यदि आप किसी कारणवश खाटू धाम नहीं जा पा रहे हैं, तो आप घर पर ही बाबा श्याम की आरती कर सकते हैं। बाबा केवल भाव देखते हैं, स्थान नहीं।
घर पर आरती करने के लिए शाम के समय स्नान करके शुद्ध वस्त्र धारण करें। एक तांबे या पीतल की थाली (Aarti Thaal) में शुद्ध देसी घी (Cow Ghee) का दीपक जलाएं। थाली में थोड़ा सा कपूर (Camphor), कुमकुम और लाल गुलाब के फूल रखें। परिवार के सभी सदस्य एक साथ खड़े होकर पूरे भाव से 'ॐ जय श्री श्याम हरे' का गायन करें। आरती पूरी होने के बाद पहले बाबा श्याम को आरती दें, और फिर घर के सभी सदस्य आरती ग्रहण करें। अंत में बाबा को लगाया हुआ चूरमे या मिश्री का प्रसाद (Prasad) सब में बांट दें।
।। जय श्री श्याम ।।
।। जय शीश के दानी ।।